विकास कार्यों में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त दो दिन का काम महीनों लटकाने पर सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि

देहरादून,जनपद में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम जनता की सुविधाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के भूमिगत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू और पीएसयू समेत 14 विभागों के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। आम जनता की सुविधा और यातायात को ध्यान में रखते हुए उच्च प्राथमिकता वाले कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक करने की सशर्त अनुमति प्रदान की गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्य बेहद आवश्यक हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में आम जनता को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में रात्रि के समय कार्य किया जाना है, वहां स्थानीय लोगों को पूर्व सूचना दी जाए। साथ ही संबंधित स्थल पर पर्याप्त मशीनरी एवं मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा में ही कार्य को पूरा किया जाए। आगामी मानसून को देखते हुए उन्होंने साफ किया कि जिन स्थानों पर सड़क की सतह का सुधारीकरण का कार्य पहले ही हो चुका है, वहां अब किसी भी प्रकार की खुदाई या रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के निकट सीवर चौंबर निर्माण एवं ट्रंक लाइन से इंटरकनेक्शन के मात्र दो-तीन दिन के कार्य को पिछले दिसंबर माह से अटकाए रखने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता को इस घोर लापरवाही के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और सुस्ती किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी कार्ययोजना के लिए जिलाधिकारी ने सभी सक्षम अधिकारियों का एक औपचारिक व्हाट्सएप समूह गठित करने के निर्देश दिए। इससे परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित संवाद सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे विभागों के बीच होने वाले कम्यूनिकेशन गैप को पूरी तरह दूर किया जा सके।
उन्होंने निर्माणदायी संस्थाओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति मिलने के बाद भी यदि समय पर कार्य पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आरसी काटी जाएगी और भारी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सिविल कार्यों के दौरान यदि किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति क्षतिग्रस्त होती है, तो नुकसान पहुंचाने वाली एजेंसी तत्काल आपसी समन्वय स्थापित कर उसे ठीक कराएगी।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि तय अनुमति से अधिक रोड कटिंग करने, खुदाई को अधूरी छोड़ने अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह होने से पहले भरना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही राहगीरों की सुरक्षा के लिए कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, रात में चमकने वाले चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाए जाएं, ताकि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
इस महत्वपूर्ण बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, पिटकुल के अधीक्षण अभियंता विक्रम गौतम, गेल के महाप्रबंधक अम्बुज गौतम, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, एडीबी के अधिशासी अभियंता अरुण कांत, यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता जतिन सिंह, एनएफएस डिफेंस ऑफिसर एल.एस. तोमर, विजेन्द्र तोमर सहित विभिन्न विभागों एवं तकनीकी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



