सीएम धामी ने टनकपुर में मनाया ‘सशक्त बहना उत्सव’: 21वीं सदी की नारी शक्ति बनी उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़

सशक्त बहना उत्सव:टनकपुर (चंपावत), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को टनकपुर के छीनीगोठ में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” में प्रतिभाग कर राज्य की महिलाओं के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और पारंपरिक कौशल का उत्सव मनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘विकसित उत्तराखण्ड’ का सपना महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा, और राज्य सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सशक्त बहना उत्सव में दिखे महिलाओं के हुनर, सीएम ने लिया सीधा हिस्सा
मुख्यमंत्री धामी ने उत्सव स्थल पर लगे विभिन्न लाइव स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने न केवल महिलाओं के श्रम और कौशल को सराहा, बल्कि स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर उनका उत्साहवर्धन किया:
- पारंपरिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा: सीएम धामी ने एक स्टॉल पर जाकर महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से मट्ठा बनाने की प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खाद्य पदार्थों को आधुनिक रूप में बाजार से जोड़ना स्वास्थ्य और संस्कृति दोनों के लिए आवश्यक है।
- ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र: इलेक्ट्रिक कार्यों में संलग्न महिलाओं के स्टॉल पर पहुँचकर मुख्यमंत्री ने उनके साथ दीपावली की लाइटों की सोल्डरिंग की। उन्होंने आह्वान किया कि दीपावली पर महिलाएं द्वारा निर्मित अधिक से अधिक उत्पाद खरीदें, ताकि महिलाएं केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक और उद्यमी बन सकें।
- पारंपरिक कृषि पद्धतियों का सम्मान: मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ ओखल में धान कूटने की प्रक्रिया में भी सहयोग किया। उन्होंने पारंपरिक कृषि पद्धतियों और हस्तनिर्मित खाद्य पदार्थों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
महिलाओं के सशक्तिकरण से ही राज्य सशक्त
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘महालक्ष्मी किट’ का वितरण किया और बच्चों को अपने हाथों से बाल भोग खिलाया।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिला समूहों को सामूहिक उद्यमों, उत्पाद निर्माण, परिवहन और हस्तशिल्प क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और विपणन सहयोग प्रदान कर रही है।

प्रमुख घोषणाएं और उपलब्धियां:
- लखपति दीदी मिशन: प्रदेश में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 5 लाख से अधिक महिलाएँ स्वरोजगार से जुड़ी हैं, जिनमें से 1.65 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- ऐतिहासिक कदम: सरकार ने महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का ऐतिहासिक कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी तू नारायणी’ मंत्र का उल्लेख करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की उज्ज्वला, जन धन, आयुष्मान भारत और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसी योजनाओं की सराहना की।
इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और हजारों लोग उपस्थित रहे।



