झूठी साजिश का पर्दाफाश: जिस पत्नी की हत्या के आरोप में पति गया जेल वह दिल्ली में प्रेमी संग मिली

झूठी साजिश का पर्दाफाश:कौशांबी के महेवाघाट क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और कानून व्यवस्था को हैरान कर दिया है। अलवारा गांव में एक परिवार को तब गहरा झटका लगा जब उन्हें पता चला कि जिस बहू की हत्या के आरोप में उनका बेटा जेल की सलाखें गिन रहा है, वह जीवित है और दिल्ली में अपने मौसेरे भाई के साथ रह रही है। इस खुलासे के बाद अब पीड़ित ससुर ने बहू के मायके वालों के खिलाफ साजिश रचने का गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है।
मामले की जड़ें साल 2016 में जुड़ी हैं, जब अलवारा निवासी योगेंद्र तिवारी के बेटे राजू तिवारी का विवाह टेवां निवासी अंकिता से हुआ था। योगेंद्र के अनुसार, शादी के बाद से ही बहू का व्यवहार असामान्य था और वह अक्सर बिना बताए कहीं भी चली जाती थी। शिकायत करने पर अंकिता के मायके वाले ससुराल पक्ष को ही झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते थे। बताया जा रहा है कि अंकिता का अपने मौसेरे भाई रामू उर्फ संकल्प मिश्रा के साथ पुराना संपर्क था और वह पहले भी उसके साथ दिल्ली जा चुकी थी।
घटनाक्रम ने तब तूल पकड़ा जब 21 जनवरी 2026 को अंकिता घर से नकदी और जेवर लेकर अचानक गायब हो गई। पति राजू ने अगले ही दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन साजिश के तहत अंकिता के पिता ने 20 फरवरी को राजू और उसके परिवार पर बेटी की हत्या कर शव गायब करने का मुकदमा दर्ज करा दिया। गिरफ्तारी के डर से पूरा परिवार घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गया और अंततः निर्दोष राजू ने 27 फरवरी को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
झूठी साजिश का पर्दाफाश ..सच्चाई तब सामने आई जब सूचना मिली कि अंकिता दिल्ली में रामू के साथ किराए के मकान में रह रही है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और उसे बरामद किया। पीड़ित पिता योगेंद्र तिवारी ने अब अंकिता के पिता शारदा मिश्रा, भाई गोपाल और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ षडयंत्र का केस दर्ज कराया है।
महेवाघाट थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि विवाहिता के मायके वालों ने जानबूझकर सच्चाई छिपाई और एक निर्दोष व्यक्ति को जेल भिजवाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद महिला का कोर्ट में बयान दर्ज कराया जा रहा है और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



