देहरादून में राष्ट्रीय लोक अदालत की धूम: एक ही दिन में 9080 मामलों का निपटारा

देहरादून ,राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के तहत शनिवार, 09 मई 2026 को जनपद देहरादून में वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य और सफल आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस अदालत में न्याय की रफ्तार देखने को मिली, जहाँ सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रिकॉर्ड संख्या में वादों का निस्तारण किया गया।
न्याय की चौखट पर सुलझे हजारों विवाद
देहरादून जिला मुख्यालय सहित ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता की बाह्य अदालतों में लोक अदालत की कार्यवाही संपन्न हुई। इस दौरान मोटर दुर्घटना क्लेम (MACT), चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद और दीवानी जैसे गंभीर मामलों को आपसी सहमति से सुलझाया गया।
प्रमुख निस्तारण आंकड़े:
- कुल निस्तारित मामले:9080 (न्यायालयी एवं प्री-लिटिगेशन मिलाकर)
- अदालती मामले (देहरादून):5844 मामलों में 13.36 करोड़ रुपये से अधिक का समझौता।
- विकासनगर: 978 मामले (22.67 लाख रुपये का समझौता)।
- ऋषिकेश: 537 मामले (2.31 करोड़ रुपये का समझौता)।
- डोईवाला: 242 मामले (22.80 लाख रुपये का समझौता)।
- मसूरी: 56 मामले (47.55 लाख रुपये का समझौता)।
प्री-लिटिगेशन मामले:विभिन्न बैंकों और संस्थानों के 3236 मामलों का निपटारा कर 2.18 करोड़ रुपये पर सहमति बनी।
सरल और सुलभ न्याय का सशक्त माध्यम
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं वरिष्ठ सिविल जज श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने लोक अदालत की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, *लोक अदालतें समाज में शांति और सामंजस्य स्थापित करने का सबसे प्रभावी जरिया हैं। यहाँ मिलने वाला न्याय न केवल त्वरित और सुलभ है, बल्कि इसके फैसले अंतिम और बाध्यकारी होते हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि निपटारे के बाद पक्षकारों को उनके द्वारा जमा किया गया कोर्ट शुल्क (न्याय शुल्क) भी वापस मिल जाता है।”
इस सफल आयोजन से न केवल अदालतों का बोझ कम हुआ है, बल्कि हजारों परिवारों को लंबे समय से चल रहे विवादों से मुक्ति मिली है।



