लखनऊ में रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती की धूम: रवींद्र संगीत और बंगाली संस्कृति के रंगों में रंगा हिंदी भवन

लखनऊ। नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। प्रोवासी बांगियो सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने हजरतगंज स्थित हिंदी भवन के पास स्थित गुरुदेव की प्रतिमा स्थल पर अपनी सांस्कृतिक छटा बिखेरी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
बंगाली कैलेंडर के अनुसार ’25वीं बैसाख’ के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा। कार्यक्रम में बंगाली समाज के कलाकारों ने गुरुदेव को स्वरंजलि अर्पित की।
- रवींद्र संगीत: टैगोर के कालजयी गीतों की मधुर प्रस्तुति हुई।
- शास्त्रीय गायन: कलाकारों ने अपनी गायकी से समां बांध दिया।
- बंगाली नृत्य: आकर्षक नृत्य मुद्राओं के जरिए गुरुदेव के आदर्शों और शांति निकेतन की संस्कृति को जीवंत किया गया।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशेष संपर्क प्रमुख प्रशांत भाटिया ने की। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सौरभ बंदोपाध्याय, कार्यकारी अध्यक्ष एस.एन. पाल और महासचिव अर्चना दत्ता सहित संदीप अधिकारी, संजीव डे और रोथीन चक्रवर्ती जैसे गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने गुरुदेव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके मानवतावादी विचारों पर चलने का संकल्प लिया।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ा आयोजन
समिति के अतिरिक्त महासचिव संदीप अधिकारी ने बताया कि संस्था केवल सांस्कृतिक संरक्षण ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी है। उन्होंने बताया किबताया कि संस्था केवल सांस्कृतिक संरक्षण ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा:
* नारी उत्थान और पर्यावरण संरक्षण।
* मलिन बस्तियों के बच्चों की शिक्षा।
* जरूरतमंदों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे नेक कार्य लगातार किए जा रहे हैं।



