कहानी कविता
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hindi kavita:फिर एक कटी पतंग
chandra Manish hindi kavita: मैंने देखी फिर एक कटी पतंग वैसी ही खुबसूरत वादियों मेंकुर्बानी और दग़ाबाज़ी की नयी दास्तान..इस…
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….मेरे पापा
नीता शर्मा जिंदगी को जीना सिखायाहर मुसीबत में साथ निभाया जिंदगी के हर तूफान में कभी साथ नहीं छोड़ाआपने ही…
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पिता जीत है, पिता उम्मीद है,
पिता हमारा विश्वास है..A MANVAR हम जब गिरते हैं जिंदगी की राहों में पिता थाम लेता है हमारी बांहें.. हमें संभाल करचलने का…
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रिटायरमेंट
अरुणा मनवर रिटायरमेंटरिटायरमेंट एक शब्द नहीं ..है ये एक अनमोल पड़ाव ..ईश्वर की अनुकम्पा ईष्ट मित्रों की शुभकामनाओं का सौभाग्य…
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तुम कभी आ जाना: सपने में
तुम कभी आ जाना तुम कभी आ जाना सपने मेंतुम्हारा आना अच्छा लगेगा बेशक देती रहना गालियांदेना बद्दुआ.. बार-बार वो…
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ज़रा याद रखना:जब हम बुजुर्ग हो जाएंगे
ज़रा याद रखना:बुजुर्ग पिताजी जिद कर रहे थे कि, उनकी चारपाई बाहर बरामदे में डाल दी जाये। बेटा परेशान था…बहू…
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यार डैडी
चंद्रा मनीष मेरे सिरहाने फिर आकर ..एक कप चाय रख दो थोड़ा प्यार से झुंझला कर..फिर से कहो..उठो पियो..चाय ठंडी…
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तुम्हारी टीस
चंद्रा मनीष उस छोटी सी बात से बिफर गए थे ..जो तुम्हारे वजूद के लिए बड़ी थी.. जब तुम दिल…
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ये जो तुम बदल गए हो
चंद्रा मनीष ये जो तुम बदल बदल गए हो…पहले से ज्यादा मेरे अपने बन गए हो..पहले हज़ार बार याद आते…
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एतबार
नीता शर्मा अगर तुम पर न होता एतबारतो न करती कोई शिकवा इतने यकीन से.. ऊपरवाले नीचे आजरा बैठ मेरे…
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