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देहरादून में ‘महिला जन आक्रोश’ रैली का शक्ति प्रदर्शन: सीएम धामी ने कांग्रेस पर बोला हमला

देहरादून, 25 अप्रैल: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का परेड ग्राउंड आज ‘मातृशक्ति’ के जयघोष से गूंज उठा। महिला जन आक्रोश रैली में उमड़े सैकड़ो की संख्या की भीड़ ने न केवल अपनी एकजुटता दिखाई, बल्कि केंद्र सरकार के महिला शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना भारी समर्थन भी व्यक्त किया। रैली में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस के ‘दोहरे रवैये’ को आड़े हाथों लिया।इस रैली में मुख्यमंत्री धामी के साथ भाजपा विधायक विनोद चमोली,दीप्ति रावत भारद्वाज महामंत्री प्रदेश भाजपा और सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल रहीं

महिला शक्ति वंदन अधिनियम: सशक्तिकरण की नई इबारत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर उन्हें निर्णय लेने वाली मुख्यधारा में लाएगा। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे क्रांतिकारी कदम बताया।

सीएम धामी के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • विपक्ष पर प्रहार: उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ महिला अधिकारों की बात करती है और दूसरी तरफ संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर संशय पैदा करती है।
  • दोहरा चरित्र: मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि जनता उनके इस विरोधाभास और चुनावी दिखावे को पहचान चुकी है।
  • भविष्य की नींव: यह अधिनियम केवल आरक्षण नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वाभिमान और सुरक्षा की गारंटी है।

परेड ग्राउंड में उमड़ा जन-आक्रोश

रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का स्पष्ट संदेश था कि वे अब केवल वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होने वाले कार्यों के आधार पर अपना समर्थन देंगी।

“महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति बंद होनी चाहिए। हम जागरूक हैं और जो हमारे लिए काम करेगा, मातृशक्ति उसी के साथ खड़ी होगी।” — दीप्ति रावत प्रदेश महामंत्री भाजपा

राजनीतिक संदेश और भविष्य की राह

इस विशाल रैली ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड की राजनीति में महिलाओं की भूमिका अब और अधिक निर्णायक होने वाली है। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मातृशक्ति अब किसी भी भेदभावपूर्ण राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड का विकास बिना महिला सशक्तिकरण के अधूरा है और उनकी सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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