Uttrakhand: बिजली और पानी की बढ़ती दरों पर विपक्ष का तीखा प्रहार,यशपाल आर्य ने सरकार को घेरा

Uttrakhand:देहरादून। उत्तराखंड में एक अप्रैल से बिजली और पानी की दरों में होने वाली संभावित बढ़ोतरी को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने इस मुद्दे पर प्रदेश की धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे जनता पर एक और आर्थिक हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां आम आदमी की जेब पर लगातार बोझ डालने का काम कर रही हैं, जिससे मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ना तय है।
जनता पर आर्थिक बोझ का आरोप
यशपाल आर्य ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई पहले से ही अपने चरम पर है। रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे कठिन समय में बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतों में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किसके हित में काम कर रही है? क्या सरकार ने उन किसानों और मजदूरों के बारे में सोचा है जो पहले से ही आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं।
बुनियादी सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल
विपक्ष का तर्क है कि एक तरफ प्रदेश में ऊर्जा व्यवस्था बदहाल है और पानी की सप्लाई में अनियमितता बनी रहती है, वहीं दूसरी तरफ सरकार सेवाओं में सुधार किए बिना ही दाम बढ़ा रही है। आर्य ने कहा कि जब जनता को बेहतर सुविधाएं ही नहीं मिल रही हैं, तो अतिरिक्त शुल्क वसूलने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने इसे संसाधनों के प्रबंधन में सरकार की लापरवाही और विफलताओं को छिपाने का प्रयास बताया है।
महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर घेराव
नेता विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्तमान शासन न तो महंगाई पर नियंत्रण पाने में सफल रहा है और न ही युवाओं को रोजगार देने में। अब जनता की बुनियादी जरूरतों को महंगा करना यह साबित करता है कि यह निर्णय केवल आर्थिक सुधार के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह जनविरोधी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए ताकि आर्थिक तंगी झेल रही जनता को कुछ राहत मिल सके। FILE PHOTO



