उत्तराखंड पेंशनर्स तोहफ़ा: DA (महंगाई भत्ता) में 3% की बढ़ोतरी, अब मिलेगा 58% DR
उत्तराखंड पेंशनर्स तोहफ़ा: DA (महंगाई भत्ता) में 3% की बढ़ोतरी, अब मिलेगा 58% DR देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने पेंशनर्स के लिए बहुप्रतीक्षित महंगाई भत्ता (DA)/ महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। राज्य कर्मचारियों को लाभ देने के बाद, अब पेंशनभोगियों को भी बढ़ी हुई दरों में महंगाई राहत स्वीकृत की गई है।
उत्तराखंड पेंशनर्स तोहफ़ा – महंगाई राहत की दर 55% से बढ़कर 58% हुई
राज्य सरकार ने पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई राहत (Dearness Relief) की दर को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
- बढ़ोतरी: 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
- नई दर: पेंशनरों को 1 जुलाई 2025 से 55 प्रतिशत के स्थान पर अब 58 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।
- स्वीकृति: राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
- लाभार्थी: इस फैसले से राज्य के एक लाख से अधिक पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
किन पेंशनरों को मिलेगा लाभ?
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश निम्नलिखित पर लागू होगा:
- जिन पेंशनरों की पेंशन सातवें वेतनमान आयोग (7th Pay Commission) की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित की गई है।
- राज्य सरकार के स्थायी पेंशनभोगी।
- विद्यालयी और प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के पात्र शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को, जिन्हें शासनिक पेंशनरों के समान पेंशन की स्वीकृति प्राप्त है।
इन पर स्वतः लागू नहीं होगा यह निर्णय
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय निम्नलिखित वर्गों के सिविल या पारिवारिक पेंशनरों पर स्वतः लागू नहीं होगा:
- उच्च न्यायालय के न्यायाधीश।
- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य।
- स्थानीय निकाय।
- सार्वजनिक उपक्रम।
इनके लिए संबंधित विभागों को अलग से आदेश जारी करने होंगे।
सरकार पर बढ़ेगा आर्थिक भार
महंगाई राहत की दरों में इस बढ़ोतरी से उत्तराखंड राज्य सरकार पर वार्षिक रूप से करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार आएगा। हालांकि, सरकार ने जनहित और महंगाई के दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया है। इससे पेंशनरों की आमदनी में सुधार होगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में अपने नियमित कर्मचारियों को भी बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ प्रदान किया था।



