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उत्तराखंड: श्री हेमकुंट साहिब यात्रा 2023 की रिकॉर्ड सफलता, CM धामी ने किया रोपवे का वादा

श्री हेमकुंट साहिब यात्रा : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा से मुलाकात की। इस बैठक में, बिंद्रा ने हेमकुंट साहिब यात्रा 2023 के सुचारु संचालन में राज्य सरकार, मुख्यमंत्री धामी, और स्थानीय प्रशासन के अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

श्री हेमकुंट साहिब यात्रा रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु संख्या और सफल प्रबंधन

ट्रस्ट अध्यक्ष श्री बिंद्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के विशेष मार्गदर्शन और समय पर दिए गए निर्देशों के कारण श्री हेमकुंट साहिब यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस वर्ष भारत और विश्व भर से रिकॉर्ड तोड़ 2,75,000 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल हुए।

  • चुनौतियों के बावजूद कुशलता: प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिस्थितियों के बावजूद, यात्रा का प्रबंधन अत्यंत कुशलतापूर्वक किया गया, जिसकी श्रद्धालुओं ने व्यापक सराहना की।
  • सुरक्षा और सुविधा: यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना हुई।
  • आगामी सुधारों पर चर्चा: श्री बिंद्रा ने भविष्य की यात्राओं के लिए आधारभूत संरचना (Infrastructure) और लॉजिस्टिक्स में सुधारों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।

मुख्यमंत्री धामी का आश्वासन: यात्रा होगी और सुगम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया कि अगली यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के साथ उठाए जाएंगे।

  • तीर्थयात्रा का महत्व: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि चारधाम यात्रा के साथ ही श्री हेमकुंट साहिब यात्रा का भी उत्तराखंड के लिए बहुत बड़ा महत्व है। यह हिमालय की ऊंचाई पर स्थित पावन स्थल राज्य की धार्मिक पहचान है।
  • तीर्थ विकास की कार्ययोजना: राज्य सरकार ने तीर्थ स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की है।
  • गोविंदघाट-हेमकुंट साहिब रोपवे: मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की कि गोविंदघाट से श्री हेमकुंट साहिब तक रोपवे बनने से इस हिमालयी यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।

धामी के हस्तक्षेप से टला बड़ा संकट

यह उल्लेखनीय है कि इस यात्रा के शुरू होने से सिर्फ दो महीने पहले, गोविंदघाट को हेमकुंट यात्रा मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल भूस्खलन में पूरी तरह ध्वस्त हो गया था।

  • त्वरित कार्रवाई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सीधे हस्तक्षेप और प्रभावी नेतृत्व के कारण, नया घाटी पुल समय से पूर्व बनकर तैयार हो गया, जिससे यात्रा पर आया संकट टल गया और श्रद्धालुओं का आवागमन सुनिश्चित हुआ।

गुरु तेग बहादुर जी के शहादत वर्ष पर भव्य आयोजन

ट्रस्ट अध्यक्ष ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत वर्ष को राज्य में भव्य रूप से मनाने के निर्देश जारी करने के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन प्रत्येक नागरिक को गुरु महाराज के धर्म और मानवता की रक्षा हेतु किए गए अद्वितीय बलिदान से अवगत कराएगा।

बिंद्रा ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के निरंतर मार्गदर्शन में हेमकुंट साहिब यात्रा विश्वास, एकता और निर्बाध तीर्थ प्रबंधन का प्रतीक बनकर और अधिक उन्नत होगी।

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