Dehradun राजभवन विशेष: अधिकारियों ने ली उद्देशिका के आदर्शों को जीवन में उतारने की शपथ

Dehradun राजभवन विशेष :देहरादून ,संविधान दिवस के पावन अवसर पर, राजभवन में एक महत्वपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान राजभवन के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से संविधान की उद्देशिका (Preamble) का पाठन किया और उसमें निहित आदर्शों, कर्तव्यों, मानकों और दिशा निर्देशों को अपने जीवन में आत्मसात करने की शपथ ली।
Dehradun राजभवन विशेष -संविधान राष्ट्र की आत्मा और प्रकाशपुंज
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने अधिकारियों को उद्देशिका की शपथ दिलाई और यह दोहराया गया कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह “हमारे राष्ट्र की आत्मा, हमारे सपनों और हमारी साझा प्रतिबद्धताओं का प्रकाशपुंज” है।

संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा
- नागरिक अधिकार और सम्मान: हमारा संविधान हर नागरिक के अधिकारों, कर्तव्यों और सम्मान की रक्षा करते हुए, एक समग्र (Holistic) और समावेशी (Inclusive) भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।
- शाश्वत मूल्य: संविधान में अन्त्योदय, समानता (Equality), न्याय (Justice), स्वतंत्रता (Liberty) और पंथनिरपेक्षता (Secularism) जैसे शाश्वत मूल्यों की ऐसी मजबूत नींव रखी गई है, जो भारत को विश्व के एक मज़बूत और जीवंत लोकतंत्र के रूप में निरंतर सशक्त बनाती है।
राजभवन में ली गई यह शपथ, नागरिकों को संविधान द्वारा सौंपे गए मूल्यों और कर्तव्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।



