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Dehradun : दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित माइक्रोप्लानिंग पर डीएम डॉ आशीष चौहान ने दिया जोर

कृषि विभाग को 2030-31 तक पैदावार तीन गुना करने का लक्ष्य

Dehradun : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीस्टैक योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में अरहर, उड़द और मसूर के क्षेत्रफल तथा उत्पादन को बढ़ाने के लिए तुरंत क्लस्टर चिन्हित कर माइक्रोप्लानिंग की जाए।

एग्रीस्टैक के जरिए किसानों का डाटा होगा डिजिटल

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कृषि सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से किसानों और उनकी कृषि भूमि के आंकड़ों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज, बीज उत्पादन तकनीक और आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रशिक्षण देकर दलहन की खेती का दायरा बढ़ाया जाएगा।

इंटर-क्रॉपिंग और बंजर भूमि के उपयोग पर फोकस

दलहन उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने इंटर-क्रॉपिंग और अनुपयोगी पड़ी बंजर भूमि को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गन्ने की पंक्तियों के बीच खाली पड़ी जमीन में दालों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। धान और गेहूं के पारंपरिक फसल चक्र के बीच दलहन को शामिल करने से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता बढ़ेगी और किसानों को अधिक मुनाफा मिलेगा।

2030-31 तक दलहन पैदावार तीन गुना करने का रोडमैप

मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने जिले में दलहन उत्पादन के वर्तमान आंकड़ों और भविष्य के लक्ष्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया:

उड़द खेती: वर्तमान में 470 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 274 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2030-31 तक इसका दायरा बढ़ाकर 754 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 765 मीट्रिक टन रखा गया है।

अरहर खेती: वर्तमान में 286 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 367 मीट्रic टन उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 457 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 686 मीट्रिक टन तय किया गया है।

मसूर खेती: वर्तमान में 242 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 146 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 427 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 453 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

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