गीत नाट्य ऑडिशन शुरू – उत्तराखण्ड सरकार की योजनाओं का प्रचार,गढ़वाल और कुमाऊं मंडल

गीत नाट्य ऑडिशन शुरू : उत्तराखण्ड सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की महत्वाकांक्षी गीत नाट्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के माध्यम से इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में सांस्कृतिक दलों के ऑडिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
गढ़वाल मंडल ऑडिशन: 13 मई से 20 मई तक देहरादून में
गढ़वाल मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों के पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के लिए ऑडिशन सूचना भवन, देहरादून में 13 मई, 2025 से 20 मई, 2025 तक आयोजित किए जाएंगे।
कुमाऊं मंडल ऑडिशन: 26 मई से 30 मई तक हल्द्वानी में
वहीं, कुमाऊं मंडल के अंतर्गत आने वाले जनपदों के सांस्कृतिक दल 26 मई, 2025 से 30 मई, 2025 तक एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी में अपना प्रदर्शन कर सकेंगे।
सूचना महानिदेशक का संदेश: लोक संस्कृति का संरक्षण और जनजागरण
इस अवसर पर सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग उत्तराखण्ड की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी गीत एवं नाट्य योजना को और अधिक प्रभावी बना रहा है। इस योजना के माध्यम से सरकार की नीतियों, महत्वपूर्ण निर्णयों और उल्लेखनीय उपलब्धियों के बारे में जनता को सशक्त और प्रभावी ढंग से जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना न केवल राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति को सहेजने और संजोने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी कला का प्रदर्शन करने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है।
युवाओं को लोक संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने आगे बताया कि राज्य स्तर पर पंजीकृत लोक गीत, लोक नृत्य, कठपुतली, कव्वाली, भजन, नाटक, और नुक्कड़ नाट्य दलों के पंजीकरण के माध्यम से सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का प्रचार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आकर्षक माध्यम से किया जा रहा है। इसके साथ ही, यह पहल युवाओं को भी अपनी गौरवशाली लोक संस्कृति से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।
कालसी ब्लॉक से ऑडिशन की शुरुआत, अनुभवी निर्णायक मंडल
पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत आज कालसी ब्लॉक के उत्साही सांस्कृतिक दलों के साथ हुई, जिसमें कुल 24 दलों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन सांस्कृतिक दलों की प्रतिभा का मूल्यांकन करने के लिए एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल गठित किया गया है, जिसमें पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, संयुक्त निदेशक सूचना के.एस चौहान, गीत नाट्य प्रभाग भारत सरकार के सहायक निदेशक संतोष आशीष और संस्कृति विभाग के श्री नरेन्द्र शर्मा जैसे अनुभवी और सम्मानित व्यक्ति शामिल हैं।



