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मैट्रिमोनियल ऐप्स : सात फेरे नहीं, सात स्टेप्स में फ्रॉड

कैसे बचें इन फरेबों से?

मैट्रिमोनियल ऐप्स: शादी के नाम पर धोखा: जब रिश्ता नहीं, जाल बुनते हैं लोग — महिलाएं भी, पुरुष भी शादी एक खूबसूरत रिश्ता होता है — भरोसे, प्यार और ज़िम्मेदारी का रिश्ता। लेकिन जब यही रिश्ता ऑनलाइन वेबसाइट्स और ऐप्स के जरिए ढूंढा जाता है, तो उसमें धोखे की गुंजाइश भी कई गुना बढ़ जाती है।सात फेरे नहीं, सात स्टेप्स में फ्रॉड

मौ. सुहैल सैफी

आजकल शादी की वेबसाइट्स और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाना, झूठ बोलना और शादी के नाम पर इमोशनल और आर्थिक शोषण करना आम बात हो गई है। और ये ग़लतफहमी न रखें कि सिर्फ़ मर्द ही धोखेबाज़ होते हैं — महिलाएं भी अब इस स्कैम का हिस्सा बन चुकी हैं, और कई बार तो ये और ज़्यादा चालाकी से होता है।

पुरुष धोखेबाज़: जब झूठी पहचान बनती है जाल .मैट्रिमोनियल ऐप्स

बहुत से पुरुष फर्जी नाम और पहचान के साथ प्रोफाइल बनाते हैं — कोई खुद को NRI बताता है, कोई आर्मी में अफसर, कोई विदेश में सेटल बिज़नेस मैन। वो लड़कियों या उनके घरवालों से दोस्ती करता है, भावनात्मक जुड़ाव बनाता है और फिर किसी इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगने लगता है।

कभी पासपोर्ट फंसा है, कभी मां की तबियत खराब है, कभी शादी की तैयारी में पैसा अटक गया है। और लड़की, जो दिल से जुड़ चुकी होती है, सब कुछ भूलकर मदद कर देती है।

कुछ केस में तो शादी के बाद भी लड़कियों को छोड़ दिया जाता है या गायब हो जाया जाता है — पैसे लेकर, गहने लेकर या सिर्फ़ मज़े के लिए।

महिला स्कैमर: जब मासूमियत के पीछे होती है चालाकी

दूसरी तरफ कई ऐसी महिलाएं भी इन वेबसाइट्स पर एक्टिव हैं, जो दिखने में भोली, समझदार और घरेलू लगती हैं — लेकिन असल में उनका मकसद भी साफ नहीं होता।

कोई लड़के को फंसा कर महंगे गिफ्ट्स लेती है, कोई “मुझे घर में कोई समझता नहीं “मुझे अकेले डर लगता है”, “तुम ही मेरे अपने हो” जैसे इमोशनल डायलॉग्स से दिल जीतती है। फिर धीरे-धीरे पैसों की मांग शुरू होती है — “मेरा भाई बीमार है”, “मेरी फीस भरनी है”, “फोन टूट गया”, “बिल देने हैं”।

कई बार तो लड़कियां लड़कों को शादी के नाम पर ब्लैकमेल भी करती हैं — कि अगर तुमने मना किया तो मैं सोशल मीडिया पर तुम्हारी चैट डाल दूंगी या तुम्हारे घरवालों को बता दूंगी।

कुछ तो शादी के बाद भी पहले वाले बॉयफ्रेंड से रिश्ता बनाए रखती हैं या पति का पैसा लेकर अपने परिवार को देती हैं — और जब बात बिगड़ती है, तो झूठे केस भी ठोक देती हैं।

जब धोखा देने वाले दोनों हों, तो सतर्क रहना और ज़रूरी

ये मानना कि “सिर्फ़ मर्द ग़लत होते हैं” या “औरतें तो हमेशा सही होती हैं” — एक खतरनाक सोच है। असल सच्चाई ये है कि धोखा इंसानियत के उस हिस्से से आता है जहां लालच, स्वार्थ और चालाकी होती है — और वो महिला हो या पुरुष, दोनों में हो सकती है..इसलिए आज अगर आप ऑनलाइन शादी का रास्ता चुन रहे हैं, तो सिर्फ़ प्रोफाइल नहीं — नीयत को परखिए।
हर मीठी बात को सच्चाई न समझिए, और हर सुंदर चेहरा भरोसे के काबिल नहीं होता।

कैसे बचें इन फरेबों से?
• प्रोफाइल देखकर इम्प्रेस मत हो जाइए — वीडियो कॉल, रीयल लाइफ मीटिंग, और बैकग्राउंड चेक ज़रूरी है।
• परिवार को साथ रखें — अकेले कोई भी फैसला ना लें।
• किसी भी तरह की पैसे की मांग से तुरंत सतर्क हो जाइए।
• अगर कोई बहुत जल्दी शादी की बात करने लगे या बार-बार इमोशनल ड्रामा करे — तो रुक जाइए।
• और अगर आपको लगे कि आपके साथ धोखा हुआ है — तो चुप मत रहिए। पुलिस, साइबर सेल या लीगल सलाह ज़रूर लीजिए।

आख़िरी बात

शादी जिंदगी का बहुत अहम फैसला होता है। इसमें भरोसा, इज्ज़त और प्यार होना चाहिए — ना कि झूठ, लालच और धोखा। आज जब रिश्ते वेबसाइट्स और ऐप्स के जरिए बन रहे हैं, तो सतर्क रहना और भी ज़रूरी हो गया है।

महिला हो या पुरुष — अगर नीयत सही हो, तो शादी खूबसूरत बनती है।
लेकिन अगर इरादे में गड़बड़ी हो, तो रिश्ता नहीं — एक दर्दनाक धोखा बनकर रह जाता है।

Photo – AI

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