हरिद्वार में ‘वित्तीय समावेशन’ को बढ़ावा, SBI ने लगाया विशेष कैंप; PM जनधन, बीमा और पेंशन योजनाओं का लाभ पहुंचा

वित्तीय समावेशन’ को बढ़ावा:हरिद्वार ,भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान ‘वित्तीय समावेशन’ (Financial Inclusion) के तहत, हरिद्वार जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों (जीपी) और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) स्तर पर सरकारी योजनाओं की पहुंच को अधिकतम करना है। इसी कड़ी में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की फेरूपुर शाखा ने ग्राम पंचायत टिहरी डोब नगर, पथरी के सहयोग से एक सफल जागरूकता और नामांकन शिविर का आयोजन किया।
वित्तीय समावेशन’ को बढ़ावा -ग्रामीणों को मिली योजनाओं की पूरी जानकारी:
1 जुलाई से 30 सितंबर तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत, शिविर में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के लाभ, री-केवाईसी (Re-KYC) के महत्व और सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। इस दौरान, ग्रामीणों ने बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी अपनी शंकाओं को दूर किया।
प्रमुख योजनाओं पर रहा फोकस:
शिविर का मुख्य केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय योजनाओं पर था। बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) और प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के खातों को खोलने और इनमें नामांकन के महत्व को समझाया। साथ ही, उन्हें डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया गया। शिविर में मौके पर ही कई ग्रामीणों का इन योजनाओं में नामांकन भी किया गया, जिससे वे तुरंत इनका लाभ उठा सकें।
सुरक्षित बैंकिंग और री-केवाईसी पर जोर:
एलडीएम हरिद्वार श्री दिनेश कुमार गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों से समय पर री-केवाईसी कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय पर केवाईसी कराने से न केवल बैंकिंग सेवाओं में आने वाली रुकावटों से बचा जा सकता है, बल्कि यह धोखाधड़ी के जोखिम को भी कम करता है। उन्होंने सभी को सुरक्षित बैंकिंग आदतें अपनाने की सलाह दी, जिससे गांव में डिजिटल लेनदेन का दायरा और लोगों का भरोसा दोनों बढ़ सके।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी:
इस शिविर में 100 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें कई ऐसे वयस्क भी शामिल थे जो अभी तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित थे। शिविर के दौरान उन्हें मौके पर ही सरकारी प्रायोजित योजनाओं में नामांकन की सुविधा दी गई, जिससे वे सीधे तौर पर वित्तीय मुख्यधारा से जुड़ सके।
शाखा प्रबंधक श्रीमती नीलिमा बिष्ट और प्रबंधक (वित्तीय समावेशन) श्रीमती अन्नू ने इस सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों की सहभागिता और ग्राम प्रधान खुशी दास द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह शिविर हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता और समावेशन को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।



