hindi poetry
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ये है एक टिहरी
*अरुणा मनवर* ये एक थी टिहरी नहीं..ये है, एक है टिहरी… जो जिंदा है,,,तुम्हारी रग रग में.. पग पग मेंतुम्हारे…
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चंद्रा मनीष बूढ़ा किरायेदार, बस मरने से पहले..चला जाऊंगा .. तुम्हारा घर मंदिर हैअब यहां से कहां जाऊंगायूं नहीं कहते…
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chandra manish हो जाएगी सुबह…तुम्हारी बेरुखी रेगिस्तान की अथाह मरुभूमि है… इसी बियाबान में कुदरत ने तुम्हारे आगोश में खिलते…
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अर्चना चौहान(प्रधानाचार्या, नागौर- राजस्थान) गिरकर संभालना आता है..निगाहें उसकी सिर्फ मंजिल की तरफ ही होती है अपनों से पहले दूसरों…
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अरुणा मनवर हम भारत के लोग..दिन 26 जनवरी 1950..दूर हुए सारे दोष… मिला संविधान – बना गणतंत्र अपना…हुआ पूरा आज़ाद…
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डाॅ कल्पना सिंह अब द्यूत कोई आंगन में मेरे फिर न खेला जाएगा चीर हरण का काला वह इतिहास नहीं…
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डॉ सुधीर शुक्ला तीलियां माचिस की लेकर आग ऐसी न लगाओ।हो सके तो राष्ट्र में उनसे, यहां दीपक जलाओ।। आपका…
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chandra Manish hindi kavita: मैंने देखी फिर एक कटी पतंग वैसी ही खुबसूरत वादियों मेंकुर्बानी और दग़ाबाज़ी की नयी दास्तान..इस…
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नीता शर्मा माना खुद को संभालना समझना मुश्किल हो सकता है ,लेकिन नामुमकिन तो नहीं और सच कहूं तो खुद…
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*अरुणा मनवर* ये एक थी टिहरी नहीं..ये है, एक है टिहरी… जो जिंदा है,,,तुम्हारी रग रग में.. पग पग मेंतुम्हारे…
Read More »नीता शर्मा जिंदगी को जीना सिखायाहर मुसीबत में साथ निभाया जिंदगी के हर तूफान में कभी साथ नहीं छोड़ाआपने ही…
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