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Kedarnath Dham के द्वार खुले,मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा अतिथि देवो भवः

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी तड़के सुबह पहुंचे केदारनाथ धाम

Kedarnath Dham:देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा अब केवल श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आध्यात्मिक चेतना का संगम भी है। हिमालय की गोद में बसे इस क्षेत्र की रक्षा करना हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है।

केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार को विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में जब मंदिर के द्वार खुले, तो पूरा परिसर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। परंपरा का निर्वहन करते हुए पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पत्नी गीता धामी के साथ स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर देश एवं प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की।

Kedarnath Dham मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया था

सिख रेजीमेंट के बैंड की धुनों और हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा ने वातावरण को दिव्य बना दिया। मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि केदारनाथ धाम हमारी सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का केंद्र है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हुए पुनर्निर्माण कार्यों की सराहना की, जिससे आपदा के बाद धाम को नया और भव्य स्वरूप मिला है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह यात्रा हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना सिखाती है। हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण को देखते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सभी से अतिथि देवो भवः की भावना बनाए रखने की अपील की।

कपाट खुलने की प्रक्रिया तड़के 5 बजे से ही शुरू हो गई थी। बाबा की पंचमुखी डोली उखीमठ से विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए धाम पहुंची थी। इस गरिमामय समारोह में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विधायक आशा नौटियाल और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि देवभूमि की पवित्रता और पर्यावरण के प्रति सजग रहने का संदेश भी देता है।

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