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उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन का बड़ा फैसला: सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन अब ‘आउटकम इंडिकेटर्स’ से होगा

सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन : उत्तराखंड में सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने आज सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी विभागों को उनके प्रदर्शन को मापने के लिए ‘आउटकम इंडिकेटर्स’ (परिणाम संकेतक) निर्धारित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन …इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ और परिणाम जनता तक पहुंचे।

सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन ‘की आउटकम इंडिकेटर’ (KOI) क्या हैं?

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अब विभागों को सिर्फ खर्च और परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनके वास्तविक परिणामों को दर्शाने वाले संकेतक (Indicators) तैयार करने होंगे। यह ‘की आउटकम इंडिकेटर’ (KOI) बताएगा कि विगत वर्षों की तुलना में विभागों ने अपने कार्यक्षेत्र में कितनी प्रगति की है। इससे न केवल विभागीय योजनाओं का सही मूल्यांकन होगा, बल्कि यह भी पता चलेगा कि विभाग किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रमुख विभागों के लिए विशिष्ट निर्देश:

बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के लिए परिणाम-आधारित लक्ष्य (Outcome-based Targets) तय करने के सुझाव दिए:

  • सिंचाई विभाग: यह लक्ष्य निर्धारित करे कि राज्य में कितने प्रतिशत वर्षा-आधारित कृषि योग्य भूमि को स्थायी और सुनिश्चित सिंचाई (Assured Irrigation) में बदला गया।
  • पर्यटन विभाग: अपनी योजनाओं के तहत पर्यटकों की संख्या (Footfall), पर्वतारोहियों और ट्रैकर्स की संख्या में हुई प्रतिशत वृद्धि का आकलन करे।
  • कृषि विभाग: कृषि उत्पादकता में हुई वृद्धि और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मिलने वाले क्रेडिट फ्लो में बढ़ोतरी को आउटकम इंडिकेटर बनाए।
  • परिवहन विभाग: सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में सुधार, क्षमता के उपयोग और राजस्व में वृद्धि को अपने प्रमुख संकेतक में शामिल करे।

सैनिक कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण बिंदु:

बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को विभाग द्वारा दी जाने वाली “प्री-रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग” (Pre-Recruitment Training) को और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए। इस पहल का लक्ष्य राज्य के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए बेहतर तैयारी कराना है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्रीधर बाबू अद्दांकी, धीराज गर्ब्याल, डॉ. रणवीर सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस नए सिस्टम से उत्तराखंड में सरकारी कामकाज में जवाबदेही और सुधार आने की उम्मीद

Photo Dipr Uttrakhand

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