उत्तराखंड रजत जयंती उत्सव 2025: दून यूनिवर्सिटी में ‘प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन’, CM धामी ने बताया ‘ब्रांड एंबेसडर’

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन: उत्तराखंड राज्य के 25 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर को प्रदेश सरकार रजत जयंती उत्सव के रूप में भव्यता से मना रही है। 1 से 9 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव के तहत , 5 नवंबर को देहरादून स्थित दून यूनिवर्सिटी में ‘प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन में देश के 11 राज्यों से 199 से अधिक प्रवासी उत्तराखंडी शामिल हुए, जिन्होंने देवभूमि के विकास की दिशा और दशा पर गहन मंथन किया।
प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन की मुख्य बातें और मंथन के विषय
यह दूसरी बार है जब उत्तराखंड में प्रवासी सम्मेलन आयोजित हुआ, इससे पहले यह साल 2024 में हुआ था। आज के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास में प्रवासियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। विभिन्न सत्रों में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल थे:
- सस्टेनेबल डेवलपमेंट प्लानिंग (सतत विकास योजना)
- सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था)
- कल्चरल एक्सप्रेशंस ऑफ उत्तराखंड (उत्तराखंड की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति)
- एंपावरिंग वूमेन थ्रू लाइवलीहुड इन उत्तराखंड हिल्स (पहाड़ी क्षेत्रों में आजीविका के माध्यम से महिला सशक्तिकरण)
- पब्लिक हेल्थ चैलेंजेस (सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियां)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रवासियों को बताया ‘ब्रांड एंबेसडर’
सम्मेलन के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रवासियों की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि अपने राज्य से दूर रहकर भी इन प्रवासियों ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को न केवल संजो कर रखा है, बल्कि इसे नई पीढ़ी तक भी पहुंचा रहे हैं।
सीएम धामी: “ये सभी प्रवासी, उत्तराखंड राज्य के सच्चे ब्रांड एंबेसडर हैं। ये उत्तराखंड के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।”
उन्होंने जोर दिया कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवासियों को अपने पैतृक गांव से जुड़ना चाहिए और उनके विकास में योगदान देना चाहिए। सीएम ने कहा कि यह सम्मेलन प्रवासियों से सुझाव लेने और उन्हें सहभागी बनाने के लिए आयोजित किया गया है।
अपने जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान
राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांशु पंत ने इस पहल को सराहनीय बताया और कहा कि प्रवासियों का राज्य के विकास में रुचि लेना राज्य हित में है। दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने भी अपने संबोधन में उत्तराखंडी होने के स्वाभिमान पर जोर दिया और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जुड़कर मान-सम्मान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
राज्यवार प्रवासियों की भागीदारी
सम्मेलन में देश के 11 राज्यों से कुल 287 प्रवासियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिनमें से 199 ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
| राज्य | रजिस्ट्रेशन | भागीदारी |
| दिल्ली | 81 | 50 |
| हरियाणा | 52 | 43 |
| पंजाब | 44 | 32 |
| उत्तरप्रदेश | 36 | 25 |
| चंडीगढ़ | 19 | 15 |
| राजस्थान | 22 | 14 |
| महाराष्ट्र | 20 | 09 |
| मध्यप्रदेश | 7 | 06 |
| गुजरात | 4 | 04 |
| तमिलनाडु | 1 | 01 |
| झारखंड | 1 | 00 |
| कुल | 287 | 199 |
PHOTO -DIPR SCREEN SHOT



