आस्था और राष्ट्रप्रेम का विराट संगम: मेरठ ने देखा भक्ति और देशभक्ति का अद्भुत नज़ारा!

मेरठ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जब अध्यात्म और राष्ट्रप्रेम का एक अभूतपूर्व महासंगम शहर की ऐतिहासिक सड़कों पर उतर आया। पूरे देश से आए हज़ारों राष्ट्रभक्तों और आध्यात्मिक प्रेमियों ने एक साथ मिलकर ‘भारत माता’ और ‘ओम्’ के पावन ध्वज थामे और मेरठ कैंट के सदर क्षेत्र में एक भव्य ‘आस्था-तिरंगा’ शोभा यात्रा निकाली।
दिव्य झाँकियाँ और संकल्प यात्रा का रूट
इस विशाल शोभा यात्रा में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाती हुई कई मनमोहक झाँकियाँ शामिल थीं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं:
- राष्ट्र गौरव की झाँकियाँ: शौर्य और बलिदान का प्रतीक, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और भारतीय सेना को समर्पित ओजस्वी झाँकियाँ।
- आध्यात्मिक झाँकियाँ: शिव परिवार, भोले बाबा की अलौकिक बारात, दिव्य शिवलिंग, और श्री कृष्ण लीला के मनमोहक दृश्य।
यात्रा मार्ग: यह विशाल जन सैलाब भैंसाली मैदान से शुरू हुआ और सदर थाना, सदर बाज़ार, हनुमान चौक, आबू लेन, और सब्ज़ी मंडी से होते हुए वापस भैंसाली मैदान पर ही संपन्न हुआ।
राष्ट्र चेतना की सूत्रधार: वंदनीय देवकी मय्या जी
इस राष्ट्रव्यापी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पुनर्जागरण अभियान की प्रेरणा और सूत्रधार ओम् मण्डली शिव शक्ति अवतार सेवा संस्थान, रायपुर की अध्यक्षा, वंदनीय देवकी मय्या जी हैं।
‘वन्दे मातरम्’ महायज्ञ का लक्ष्य:
- उद्देश्य: ‘वन्दे मातरम्’ के अमर घोष और राष्ट्र गौरव के शाश्वत संदेश को देश के हर नागरिक तक पहुँचाना।
- ऐतिहासिक उपलब्धि: मातेश्वरी देवकी मय्या के नेतृत्व में इस संस्थान ने सन 2017 से अब तक भारत के 300 से अधिक स्थानों पर विशाल तिरंगा यात्राएँ और संस्कार परिवर्तन के दिव्य सत्संग सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं।
- सीमांत तक राष्ट्रप्रेम: उन्होंने कश्मीर जैसे संवेदनशील सीमांत क्षेत्रों तक में तिरंगा यात्राएँ निकालकर भारत की एकता और अखंडता का अद्भुत, प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
आज का विशेष आह्वान: शिव सत्संग और विश्व रिकॉर्ड गायन
संस्थान ने समस्त मेरठवासियों को 14 दिसंबर (तिथि यहाँ वर्तमान तारीख के अनुसार बदलें) को आयोजित होने वाले एक विशेष और पवित्र कार्यक्रम में सपरिवार सम्मिलित होने का हार्दिक आमंत्रण दिया है:
- आयोजन: भोले बाबा का दिव्य सत्संग, ‘ओम्’ महामंत्र का उच्चारण, और संपूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन।
- समापन संदेश: सामूहिक गायन के उपरांत, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश देता हुआ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
विश्व रिकॉर्ड और राष्ट्रीय सम्मान कीर्तिमान
मातेश्वरी देवकी मय्या के नेतृत्व में चल रहे इस ‘राष्ट्र चेतना महायज्ञ’ को भारत सरकार ने भी एक राष्ट्रीय महोत्सव का स्वरूप दिया है।
- ऐतिहासिक विश्व कीर्तिमान: संस्थान ने सन 2023 में रायपुर में एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड बनाया, जब 1,00,000 से भी अधिक देशभक्तों ने एक साथ खड़े होकर सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ गीत का सामूहिक गायन किया।
ओम् मण्डली शिव शक्ति अवतार सेवा संस्थान आज देश ही नहीं, बल्कि विश्व की एकमात्र ऐसी संस्था के रूप में तेज़ी से उभर रही है, जो देशभक्ति और आध्यात्मिक क्रांति को एक ही सूत्र में पिरोकर हर व्यक्ति में चेतना, उत्तम संस्कार और राष्ट्र प्रेम जाग्रत कर रही है। संस्थान का एकमात्र उद्देश्य भारत को उसका स्वर्णिम गौरव ‘स्वर्णिम भारत’ पुनः प्रदान करना है।



