अंकिता भंडारी बेटी को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता – CM धामी

अंकिता भंडारी: देहरादून,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पहले दिन से ही पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर CM की मुख्य बातें:
- SIT की निष्पक्ष जांच: मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला अधिकारी पी. रेणुका देवी के नेतृत्व में गठित SIT ने इस जघन्य अपराध की गहराई से जांच की।
- आजीवन कारावास की सजा: सरकार की प्रभावी पैरवी के कारण न्यायालय ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
- न्यायालयों का भरोसा: CM धामी ने स्पष्ट किया कि SIT की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि उच्च न्यायालय (High Court) और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने भी पूर्ण संतोष व्यक्त किया है।
“प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा और सम्मान हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। अंकिता को न्याय दिलाने की दिशा में हमने पारदर्शिता के साथ काम किया है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
CBI जांच और माता-पिता की भावनाओं पर रुख
सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर मुख्यमंत्री ने बेहद संवेदनशील रुख अपनाते हुए कहा:
- अंकिता के माता-पिता की पीड़ा सबसे अधिक है और सरकार उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान करती है।
- मुख्यमंत्री स्वयं अंकिता के माता-पिता से बात करेंगे।
- उनकी अपेक्षाओं और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे का कोई भी निर्णय लिया जाएगा।
भ्रामक दावों पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने वर्तमान में वायरल हो रही किसी कथित ‘ऑडियो क्लिप’ का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग प्रदेश में अनावश्यक माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे तथ्यों पर विश्वास करें, क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर दोषियों को कड़ी सजा दी जा चुकी है।मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार ‘बेटी बचाओ’ के संकल्प के साथ बेटियों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है।



